Hindi Shayari

अगर है किसी को तुझ पर एतबार,

वो सफाई तुझसे मांगेगा नहीं.

और हो ना यकीं तुझ पर तो,

वो पेश ऐ सफाई के बाद भी मानेगा नहीं.

 

भले ही बदल जाना उसके नजरिये जैसे,

जी लेना तुम उसकी इच्छाओ जैसे.

तप तप बन जाना सोने से कुन्दन,

फिर भी सवाल कुन्दन बना ये कैसे.

देख के तेरा बहता पसीना भी,

जज्बात तेरे वो कभी समझेगा नहीं.

और हो ना यकीं तुझ पर तो,

वो पेश ऐ सफाई के बाद भी मानेगा नहीं.

अगर है किसी को तुझ पर एतबार………………..

 

मन लो के यकीं तुझ पर यार है,

इक तेरे सिवाये फरेबी सारा संसार है.

उसके लिए तो बिना किसी सबूत के,

विश्वास तेरा सदा बरक़रार है.

अगर गलत हो भी जाये,

तुझे यार वो कभी गलत कहेगा नहीं.

और हो ना यकीं तुझ पर तो,

वो पेश ऐ सफाई के बाद भी मानेगा नहीं.

अगर है किसी को तुझ पर एतबार……………


3 Comments

U.d. · May 31, 2018 at 3:08 pm

Great _ kya sahi bat khi ji

anirudh · May 31, 2018 at 7:37 pm

nice

anan · June 4, 2018 at 7:43 pm

VERY NICE

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