आँखों का ख्वाब बनाके, बना लो मुझे होठों की मुस्कान।

गुम  हैं कहीं मुझ पर करके इनायत दो कोई पहचान।।

आँखों का ख्वाब बनाके ……………………………… ।

तेरी इनायत ही यार धड़कन मेरे दिल की धड़कायेगी,

जैसे शदियों से कहीं खोई थी वो हंसी ये मेरी लौटाएगी।

ढूंढ भी दो दिल का चैन, जो सुकूं मेरा कहीं खोया है,

गर हुए ना मेरी जिंदगी का हिस्सा, तेरी याद रुलायेगी।।

कोई तो नाता है हम दोनों का, समझो ना मुझे अनजान।

गुम  हैं कहीं मुझ पर करके इनायत दो कोई पहचान।।

आँखों का ख्वाब बनाके ……………………………… ।

केश तेरे ये लच्छेदार, आँखों ने भी है खुमार,

कलियों सी खिली जिंदगी की बना लो बहार।

कभी जुदा  ना होंगे, इक पल  ना हम  रूठेगे,

चाहत ऐ दिल के बनालो मुझे अपना संसार।।

तेरे दो अल्फाज मुस्कान के मोती, पूरा कर दो ये अरमान।

गुम  हैं कहीं मुझ पर करके इनायत दो कोई पहचान।।

आँखों का ख्वाब बनाके ……………………………… ।

Categories: Romantic

1 Comment

rakesh · September 19, 2019 at 12:23 pm

very nice

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