Mitt mera, Friendship

इल्म हुआ मुझे उसकी बातों से, कीना सोणा है मित्त मेरा.

कहीं रूठ ना जाये मेरी शरारतो से, इना भोला है मित्त मेरा.

क्या खूब आदकारी है, हर बात उसकी प्यारी है.

बहुत खूब भाए मुझे, उसकी तो हर अदा न्यारी है.

जब सोचु उसकी बातों को, 

मुझे उसमे कोई आपना सा नज़र आता है.

जो हो रहा है वो हकीकत है,

जाने क्यू मुझे कोई सपना सा नज़र आता है.

भोली सो सुरत उसकी, और बातों में  समझदारी है.

बहुत खूब भाए मुझे, उसकी तो हर अदा न्यारी है.

क्या खूब आदकारी है………………………………..

ये जो नाता जोड़ा है, माना है दिल का मित्त,

दिल में बसायेगे, हर हल निभायेगे यारी की रित्त.

चाहे जो हल ऐ दिल हो छोड़ू ना मैं प्रित,

दम में दम आये मुझे, जब हो मेरी दोस्ती की जीत.

बहुत प्यारा जहीर पाया, हबीब पा के किस्मत सवारी है.

बहुत खूब भाए मुझे, उसकी तो हर अदा न्यारी है.

क्या खूब आदकारी है………………………………..

 

 

 

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1 Comment

Usha · May 23, 2018 at 1:48 pm

Kya bdiya likhte ho aapko ye sab achanak mind me kese aa jaata he.me bhut sochu to bhi do sand nhi likh payi.nice ……

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