hindi sad shayari

मन घबरा रहा है, जाने क्यू दिल बैठे जा रहा है। 

देख दुर्दशा जीवन की, सुकूं ना चैन भा रहा है।।

मन घबरा रहा है………………………………. ।

गमगीन हैं आँखे, अश्को को बहने से रोक रहे हैं,

कोई जान ना ले दिल का दर्द जो सितम सह हैं। 

कोई वजह थी ना आरजू, घुट घुट के  जीने की,

तड़पाते रहे वो अल्फाज जो ज़माने ने कहे हैं।। 

जिसको  देखो वो एक दूजे पर कहर बरसा रहा है। 

देख दुर्दशा जीवन की, सुकूं ना चैन भा रहा है।।

मन घबरा रहा है………………………………. ।

जाने क्या आगे होना है, कोई भी तो ना जाने,

कभी अच्छा कभी बुरा, वक़्त को ना पहचाने। 

मगर जित उस की जो मुश्किलों से लड़ता है,

के कहते हैं ज्यादा टिकते नहीं झूठ के बहाने।।

कल बदल जाना है, सब जो आज होते जा रहा है। 

देख दुर्दशा जीवन की, सुकूं ना चैन भा रहा है।।

मन घबरा रहा है………………………………. ।

Categories: Sad

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