Hindi Friendship shayari

तुम पास रहो या दूर मुझसे, अपनी सलामती बताया करो.

फुर्सत ना भी हो, एक पल निकल के पैगाम दे जाया करो.

 

तुम्हारे पैगाम के आने की आहट का इंतजार हम करेगे.

नज़रे बिछाके राहों में, तेरे पैगाम का दीदार हम करेगे.

तेरे लिखे हर अल्फाज में सूरत तेरी देखा करते हैं,

जिंदगी गुजर जाये ऐसे ही, ये दुआ हजार बार हम करेगे.

सलामती के संग मुस्कान के मोती भेज मुझे हंसाया करो.

फुर्सत ना भी हो, एक पल निकल के पैगाम दे जाया करो.

तुम पास रहो या दूर मुझसे………………………………..

 

होठों की मुस्कान तेरे चेहरे का नूर मुझे बहुत भाता है,

जानके खैरियत तेरी सलामती, यार दिल मेरा चैन पाता है.

ये सुकूं यूं ही बरक़रार रहे, महकता सदा मेरा यार रहे,

कभी फीकी ना पड़े चांदनी तेरी, ये ख्याल मुझे आता है.

जो भी हल ऐ दिल, कसम मेरी के सदा मुस्कुराया करो.

फुर्सत ना भी हो, एक पल निकल के पैगाम दे जाया करो.

तुम पास रहो या दूर मुझसे………………………………..

Categories: Friendship

1 Comment

U.D. · May 27, 2018 at 6:40 pm

Wah wah kya bat he dost

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