ना मैंने चाहा ना मैंने सोचा, के यु खफा हो जाओगे.

मेरी शरारतो से रूठ के तुम मुझे यार रुलाओगे.

दिल में छुपा लेते मोहब्बत को यार गमों के साथ.

काश मुझे पता होता, जाहिर ही ना करते जज्बात.

भूल गया था मैं मेरी तक़दीर को ख़ुशी राश कहा,

फिर क्यू सजा बैठा मैं यार सपनों की बारात.

बड़ी भूल हुई मुझसे, क्या माफ़ करके मुझे हँसाओगे.

ना मैंने चाहा ना मैंने सोचा…………………………

बस आरजू इतनी, फीकी ना पड़े तेरे होठों की मुस्कान.

दुआ ऐ दिल मेरी के पुरे हो जाये तेरे सारे आरमान.

तेरे हर गम उठा लेगे हंस हंस के यार मेरे,

तेरी ख़ुशी की खातिर तुझपे यार जिंदगी मेरी कुर्बान.

शायर मैं बन जाऊ, जब यार तुम मुस्कुराओगे.

ना मैंने चाहा ना मैंने सोचा…………………………..

 

 

Categories: Romantic

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