बहुत चाहा के भूल जाये उसे, पर ऐसा कर ना सके.

याद उसकी आना लाजमी है, एक पल ना  भुला सके.

ना वो माने ना दिल मेरा, दोनों को समझा के हारे हैं,

तड़पती रह गई चाहत, नशीब हुये अश्को के धारे हैं.

दिल ही दिल चाह लिया, मगर दिल चीर के ना दिखा सके.

याद उसकी आना लाजमी है, एक पल ना  भुला सके.

 

कैसे कटेगी तमाम उम्र ये, यु तन्हा बिन यार के.

कह भी ना पाये, जीया ना जायेगा बिन तेरे दीदार के.

अहसास तो हो गया उसे, हम इश्क ना छुपा सके.

याद उसकी आना लाजमी है, एक पल ना  भुला सके.

 

आरजू ऐ तम्मना बस ये ही है, काश वो मान जाये.

राह तक रहे हैं सिर्फ उसकी, के वो दोड़े चले आये.

कोई तो ऐसी सूरत हो, जो उससे मुझे मिला सके.

याद उसकी आना लाजमी है, एक पल ना  भुला सके.

 

 

 

 

 

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