हिंदी शायरी, Hindi Shayari

कभी रूठे वो कभी हम मनाये,

सोचते हैं की उनके ख्यालो में जाये.

कभी हंसाये कभी सताए,

थोड़ी शरारत हम कर आये.

उड़ना चाहे जितना दूर का,

हम पंछी हो एक डाल के.

भले मंजिल हो जुदा जुदा,

मगर मुशाफिर हो एक राह के.

गर लड़खड़ाये कदम यार के,

होंसला इतना हो के उसे सम्भाल पाये.

कभी हंसाये कभी सताए,

थोड़ी शरारत हम कर आये.

कभी रूठे वो……………………

चलते चलते अगर थक जाये वो,

पलकों पर उसे उठा लेगे.

कोई सितम ना हो जाये उस पर,

पलके मूंद उसे छुपा लेगे.

हर ख़ुशी उसके कदमो में हो,

उसका हर दर्द हम उठाये.

कभी हंसाये कभी सताए,

थोड़ी शरारत हम कर आये.

कभी रूठे वो……………………

उसी के  बारे में सोचना,

और दिल करता ये फरियाद है.

भुलाये भूलू ना मैं,

वज़ह वो है जो जिंदगी आबाद है.

बहुत याद आई उसकी,

यादों में नैन भर आये.

कभी हंसाये कभी सताए,

थोड़ी शरारत हम कर आये.

कभी रूठे वो……………………

Categories: Friendship

1 Comment

Usha · May 25, 2018 at 10:23 am

So,……..so lovely dost

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *