hindi shayari fariyad khushi ki

भीगे ना नैन तेरे, फीकी पड़े ना तेरे लब्बो की मुस्कान.

तेरे उदास होते ही जाने क्यू निकल जाती है मेरी जान. 

भीगे ना नैन तेरे………………………………..

 

याद आया तू बहुत याद आया, हर पल ख्यालो में पाया.

सब कुछ भूल गये, एक तेरा नुरानी चेहरा है मुझे भाया.

लगता मुझे के संग संग मेरे चलता यार तेरा है साया.

बेहाल बहुत मेरा दिल बस तेरा ही सपना है सजाया.

अजनबी हैं अनजान फिर भी है कोई खास आपनी पहचान.

भीगे ना नैन तेरे………………………………

 

कहीं तुझे लगे ना नज़र के ना पलक उठाई है.

उठती भी पलक कैसे, नैनों में तेरी सूरत बसाई है.

ये कैसा रिश्ता है बिन तेरे अहसास ऐ जुदाई है.

तू है तो सब कुछ वरना मोहब्बत की जगहसाई है.

सब कुछ दिया तुझपे वार, ये दिल भी किया कुर्बान.

भीगे ना नैन तेरे…………………………………..


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