चाहा बहुत तुझे टूट के, मगर तुझे कर ना सके इजहार.

मांगी भी तूने जुदाई, जाने क्यू कर ना सके हम इन्कार.

किया क्यू तूने ऐसा, आज भी ये सवाल है,

इक पल ना चैन मुझे, सिर्फ तेरा ख्याल है.

तड़पता है दिल मेरा, तेरी यादों में,

जाने कब से यार ये बेहाल है.

देखो यार मेरे किस्मत का चक्कर, मोहब्बत गया मैं हार.

चाहा बहुत तुझे टूट के………………………………………

बिन तेरे क्या जीना, और सहा ना जाये दर्द ऐ जुदाई.

तन्हा रातों में बहुत डसती है मुझे यार ये तन्हाई.

जीते जी मर रही मुझे यार मोहब्बत की जगहसाई.

मांगना ही था तो जान मांगती, मांगी क्यू रुसवाई.

कसम दी तूने कभी ना रोने की, ऐ कैसा है प्यार.

चाहा बहुत तुझे टूट के…………………………………

जो तूने माँगा जा तुझे दिया मेरे हमदम.

खुश रहना तू, उठा लुगा तेरे सारे गम.

राज ही रखुगा तेरी चाहत को,

बिखरने दू ना नैनों के मोती, है मुझे तेरी कसम.

मोहब्बत की दुआएं लेती जा, आये ना याद तुझे मेरा प्यार.

चाहा बहुत तुझे टूट के………………………………….

 

 

 

 

 

 

 

 

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