चाहती हूँ, दुनिया से छुपाना,

मगर तुझसे कोई भेद ना छुपाना। 

ये मोहब्बत के दरमियाँ हैं जो फासले,

चाहती हूँ, दुनिया से छुपाना,

मगर संग अ दिल,

तुझे तो हाल अ दिल है बताना। 

चाहती हूँ, दुनिया से छुपाना,

चाहती हूँ……………….

 

जैसा हाल ऐ दिल मेरा है,

शायद तेरा भी वैसा ही होगा। 

ज़माने की बंदिशो ने,

संग मेरे तुझे भी तो रोका। 

सिर्फ तुझे है दिल का दर्द दिखाना। 

चाहती हूँ, दुनिया से छुपाना,

चाहती हूँ……………….

 

फासले हैं दरमियाँ बहुत,

फिर भी तेरी हूँ। 

हैं मुझे मजबूरियाँ बहुत,

फिर भी तेरी हूँ। 

बस ये था तुझको समझाना,

चाहती हूँ, दुनिया से छुपाना,

चाहती हूँ……………….

 

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