आपकी खूबसूरती को,

चार चाँद लगाती आपकी आँखे। 

संग ये लच्छेदार केश,

दिल लुभा लेती आपकी बातें। 

संग ये लच्छेदार केश……………

 

ये झील सी आँखे, समंद्र सी लहराये,

कलियों सी खिलती ये भँवरे सी गुनगुनाये। 

क्या तारीफ करू इन आँखों की,

रब्ब भी दीवाना जब यार ये शर्माये। 

बेचैन दिल मेरा बहुत,

बेहाल दिल को बहलाती आपकी आँखे। 

संग ये लच्छेदार केश……………

 

कैसे जुदा हम रहे इन आँखों से,

क्या दिल की बात कह दे इन आँखों से। 

शुरूर छाया मुझे आपकी आँखों का,

हम दीवाने मोहब्बत मांग ले इन आँखों से। 

कोई और ना चाह दिल में,

बस मुझे राश आती आपकी आँखे। 

संग ये लच्छेदार केश……………


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