एक दिन पहुंच गया मैं देवालय चलते चलते,

एक मूरत के आगे छप्पन भोग सजे पाये। 

नन्हें नन्हें हाथ सहमी सहमी सी आँखे,

उसीकी दहलीज पर भूखे तड़पते नजर आये।। 

Categories: Good Morning

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