सितारों की महफ़िल सजी है, पवन भी गुनगुनाने लगी है।

दिल की तड़प बढ़ी है, के गुमनाम सी याद आने लगी है।

ख्यालो के कारवाँ में एक सूरत अनजानी सी सताने लगी है।

रात ये कयामत ढाने लगी है, तन्हाई मुझे तड़पाने लगी है।

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