मुझपे जाँ लुटाने वाला उनका ईमान है,

मेरे पापा से बड़ा ना मुझे भगवान है। 

भले कोई ख़ुशी ना दे पाया उन्हें,

मुझे खुश देखना ही उनका अरमान है।। 

मुझपे जाँ लुटाने………..।

 

मुझे लगी चोट वो खुद सहम गए,

मेरी हंसी ज़िंदगी के लिए सब सह गए। 

मैं पोछ सका ना उनके आंसू,

वो मेरी ख़ुशी के लिए सिसक के रह गए।।

ना जमाना जनता ना कोई मुझे, 

बिन पापा के मेरी क्या पहचान है।  

भले कोई ख़ुशी ना दे पाया उन्हें,

मुझे खुश देखना ही उनका अरमान है।। 

मुझपे जाँ लुटाने…………।

 

अब मेरी बारी उनके दामन में खुशियां भर दू,

उनके लिए जी रहा ये साबित कर दू। 

जन्नत से बड़ी जन्नत मेरे पापा के चरणों में,

दिल ऐ तमन्ना उतार मैं उनकी नजर दू।।

बिन पापा के कैसी ये ज़िंदगी,

वो तो मेरे लब्बो की मुस्कान है। 

भले कोई ख़ुशी ना दे पाया उन्हें,

मुझे खुश देखना ही उनका अरमान है।। 

मुझपे जाँ लुटाने…………।

 

 


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