happy janmashtami wishes in advance

माँ देवकी की कोख समाये। 

यशोदा कान्हा उसे बुलाये। 

विष्णु ने लिया अवतार,

कान्हा बनके मथुरा आये। 

माँ देवकी की कोख समाये। 

यशोदा कान्हा उसे बुलाये। 

यशोदा का दुलारा,

देवकी का प्यारा।

गोपियों ने उसे,

मुरली वाला पुकारा। 

नटखट नंदलाल,

गुजरी का मक्खन चुराये। 

माँ देवकी की कोख समाये। 

यशोदा कान्हा उसे बुलाये। 

बंशी बजाना, गोपियों को रिझाना,

मुरली की तान पे राधा का आना। 

खेल खेल में राधा को सताना,

वो मनमोहन हुआ राधा का दीवाना। 

राधा को मन भाये,

संग राधे गोकुल बसाये। 

माँ देवकी की कोख समाये। 

यशोदा कान्हा उसे बुलाये। 

 

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Categories: janmashtami

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