hindi sad shayari

जहान घूम के भी मैंने किसी को सुखी ना पाया है। 

जो भी मिला वक़्त ने हर किसी पर कहर ढाया है।।

जहान घूम के भी…………………………………..।

किसी को तक़दीर ने लुटा, तो किसी को वक़्त ने मारा है। 

सह सह के गम ऐ सितम, हर कोई वक़्त से हारा है।।

जिससे मिला हर किसी ने नया किस्सा सुनाया है।  

जहान घूम के भी…………………………………..।

मेरी तलाश अधूरी रही, खुशियों के बिच बहुत दुरी रही। 

कहानी सब की अलग थी, मगर हर के पास मज़बूरी रही।।

कभी खुद रोया इन्सां तो कभी अपनों ने सताया है।  

जहान घूम के भी…………………………………..।

दूर दूर तक  ना कोई ख़ुशी, बस गम का साया काला काला है। 

अब तो मुझे भी बेरंग नजर आने लगा, ये जो बेरहम जमाना है।।

नफरत की आँधी ने सुकूं के लिए हर किसी को तरसाया है।  

जहान घूम के भी…………………………………..।

Categories: Sad

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