पनाह दे दो मुझे इन सरबती अँखियों में। 

कहीं आसिया हो तेरे दिल की गलियों में।। 

पनाह दे दो मुझे …………………………………।

बहुत जतन करके यार तेरी सूरत पाई है। 

अब ना ओझल होना, सही जाये ना जुदाई है।।

अरमान मेरा तुझे शामिल कर ले खुशियों में।

पनाह दे दो मुझे …………………………………।

जाने क्यू तेरे सिवाय, मुझे ना भाता है कोई। 

लगता है जैसे अपना जन्मो का नाता है कोई। 

सिर्फ तेरा ही जिक्र होता है मेरी बतियों में। 

पनाह दे दो मुझे …………………………………।

तन्हा राहों का मुशाफिर, जरा साथ तो दीजिये। 

कभी जुड़ा ना करेंगे, अपना हाथ तो दीजिये। 

तुम्हारी खुशबु पाऊ मैं दिल की कलियों में। 

पनाह दे दो मुझे …………………………………।


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