तेरी याद बहुत याद आती है,

सिसकियां भर भर के रुलाती है। 

जबकि चाहा ना कभी तूने मुझे,

फिर क्यू मुझे ही ये तड़पाती है। 

तेरी याद……….

 

दिल की लगी किसे दिखाऊ,

आँखों के आंसू कैसे छुपाऊ। 

दम तोड़ रही मोहब्बत,

बिन तेरे कैसे मैं बचाऊ। 

जब कही हो जिक्र ऐ इश्क़,

धड़कन दिल की थम जाती है। 

तेरी याद……………

 

काश मेरी वफ़ा से वफ़ा होती,

ये होठों की हंसी ना खफा होती। 

तेरा साथ मिला होता अगर,

राज़ ऐ मोहब्बत ना सजा होती। 

मुबारक ऐ जुदाई बदले वफ़ा,

तन्हाई की तपन जलाती है। 

तेरी याद……………

 

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