कुदरत ने रंग भरे तुझ में हजार,

तमाम खूबी है तुझ में यार। 

क्या कहु मैं तारीफ अ हुश्न,

तू तो लगती है सावन की बहार।। 

कुदरत ने रंग भरे …………….।

यौवन तेरा अदाओं से महका – महका,

मुस्कान तेरी खिला गुलशन। 

हया तेरी कलियों सी खिली – खिली,

देख तुझे हुई चाँद को भी जलन।।

एक पल ओझल हो ना तेरा चेहरा,

निहारती ये आँखे बार बार।। 

कुदरत ने रंग भरे …………….।

काश मेरे हाथो की लकीर बन जाओ,

यार तुम मेरी तकदीर बन जाओ। 

इक पल की जुदाई ना गवारा दिल है,

तुम मेरी जिंदगी की तस्वीर बन जाओ।। 

बहुत किया है तेरा मैंने इंतजार,

अब कबूल कर लो मेरा प्यार, तुम मेरे यार।।

कुदरत ने रंग भरे …………….।


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