तेरी आँखों में नज़र आती मुझे कायनात। 

लाजबाब हैं ये हर हरदम रहु मैं इनके साथ।।

लाजबाब हैं ………………………………….. ।

 

मेरी परछाई जैसे बन गई हैं आँखे तुम्हारी। 

लगने लगी हैं अब मुझे ये जी जाँ से प्यारी।।

बस डूबा हु तेरी आँखों में दिन हो या रात।  

लाजबाब हैं ………………………………….. ।

 

जुदा ना मुझसे करना, कर देना ये इनायत। 

कायनात बनी मेरी, है इन आँखों से मोहब्बत।।

खुद में समेट ले बस कर दो प्यार की शुरुआत। 

लाजबाब हैं ………………………………….. ।

 

ये आँखे तुम्हारी, यार बन गई हैं मेरी जिंदगी। 

प्रीत मुझे सीखा गई, तेरी आँखों की सादगी।। 

तुम भी समझ लो ये समझने लगी मेरे जज़्बात। 

लाजबाब हैं ………………………………….. ।


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