तुम से जुदा हो के जिन्दा रहना, ये मुमकिन नहीं है। 

थम सी गई सांसे मेरी, चलती ये तुम बिन नहीं है।।

तुम से जुदा हो के……………………………………।

 

जब जब तेरी याद आई, आँख मेरी भर आई। 

डसने लगी तन्हाई, सही गई ना मुझसे जुदाई।।

मगर मजबूरियों को, समझता ये नादाँ दिल नहीं है। 

तुम से जुदा हो के………………………………….।

 

जुदा होके रह लेते हो कैसे, दिल को  समझा लेते हो। 

ऐसी कौन सी फितरत है, जो दिल को बहला लेते हो।।

वो कौन सी अदा है, यार जो मुश्किल नहीं है। 

तुम से जुदा हो के……………………………………।

 

यू बिछड़ के जीने की, कोई सूरत मुझे बतला दो। 

क्या जतन करते हो तन्हाई में, ये तुम सिखला दो।।

रात भी रुलाये मुझे और कोई खुशनुमा दिन नहीं है।  

तुम से जुदा हो के……………………………………..।

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