चलते चल तू राही, अभी पथ पर विश्राम कहां। 

जिंदगी की मंजिल दूर बहुत, अभी आराम कहां।।

चलते चल तू रही………………………………..।

ठोक्कर भी खूब लगेगी, कांटे भी बहुत होंगे,

आसान नहीं राहे, पथ पथ पर मिलेगे धोखे। 

जूनून ना टूट जाये, कदम ना डगमगाये,

आयेगे बहुत आंधियो के झोके, जो पल पल रोके।।

अभी तो शुरू हुआ है, अभी यार शाम कहां।  

जिंदगी की मंजिल दूर बहुत, अभी आराम कहां।।

चलते चल तू रही………………………………..।

कोई तेरे संग ना होगा, चलना है तुझे अकेले,

मुस्कुराते रहना तू, चाहे जितने हो गमो के मेले। 

तन्हा ना समझ तू, तेरा ही साया साथ रहेगा,

तेरा हौसला बढ़ायेगे, वो पल जो तूने हैं झेले  ।।

ढूंढना है तुझे के तेरी जिंदगी का अंजाम कहां। 

जिंदगी की मंजिल दूर बहुत, अभी आराम कहां।।

चलते चल तू रही………………………………..।

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